Friday, April 23, 2021
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आईएसएल के 10 अनकैप्ड फुटबॉल प्लेयर्स जिन्हें भारतीय टीम में जगह मिलनी चाहिए

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के हर सीजन में इंडियन फुटबॉल को कई सारे टैलेंटेड प्लेयर्स मिलते हैं। अगर हम लिस्ट देखें तो जेरी लालरिंजुआला और अनिरुद्ध थापा जैसे कई नाम इसमें शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने यूथ फुटबॉल से प्रोग्रेस करके सीनियर टीम में जगह बनाई।

आईएसएल के मौजूदा सीजन में भी कई सारे बेहतरीन युवा प्लेयर्स निकलकर सामने आए हैं जिन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें से कुछ प्लेयर्स ऐसे हैं जिन्हें इंडियन टीम में जरुर शामिल किया जाना चाहिए। आइए जानते हैं वो कौन-कौन से नाम हैं:

10. सुरेश सिंह वांगजाम

सुरेश सिंह वांगजाम काफी समय से इंडियन नेशनल यूथ सेटअप का हिस्सा थे। उन्होंने 2017 के अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया था। आईएसएल में वो बेंगलुरु एफसी की टीम का हिस्सा हैं। पिछले सीजन उन्हें कुछ ही मुकाबलों में खेलने का मौका मिला था लेकिन इस सीजन वो प्रमुख भूमिका में नजर आए हैं। नॉर्थईस्ट यूनाईटेड के अलावा उन्होंने अपने क्लब के लिए हर मुकाबले में हिस्सा लिया है।

मिडिल में वो एक पावर हाउस की तरह हैं। उन्होंने चेन्नईयन एफसी के खिलाफ मुकाबले में लगातार प्ले को तोड़ा। बेंगलुरु एफसी के सीजन के पहले मुकाबले में उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। बेंगलुरु की टीम ये मुकाबला जमशेदपुर एफसी के खिलाफ 1-0 से जीती थी। सुरेश को भले ही स्टार्टिंग इलेवन में हिस्सा ना मिले लेकिन इंडियन टीम में वो एक भरोसेमंद बैकअप ऑप्शन हो सकते हैं। अगर किसी मुकाबले में भारत को अपनी लीड बचानी है तो उन परिस्थितियों में सुरेश काफी बेहतरीन प्लेयर होंगे।

9. सेरिटोन फर्नांडीस

सेरिटोन भी उन खिलाड़ियों की लिस्ट में हैं जिनकी इंडियन नेशनल टीम में जगह बनती है। सेरिटोन पूरी तरह फिट हैं, बेहतरीन तरीके से गेंद को पास करते हैं और पिच के राइट साइड में उनकी रनिंग भी काफी लाजवाब रहती है। ऐसे में कोई भी कोच उन्हें अपनी टीम में लेना चाहेगा। वो काफी अच्छी तरह से गेंद को क्रॉस करते हैं और स्पीड में उन्हें मात देना काफी मुश्किल होता है।

आईएसएल में वो एफसी गोवा के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं और हमेशा टीम की उम्मीदों पर खरा उतरते हैं। गोवा की टीम आमतौर पर सेंटर पर ज्यादा फोकस करती है और इसी वजह से आंकड़ों से पता नहीं चलता है कि सेरिटोन की काबिलियत क्या है। उन्हें बॉल पोजेशन रखने में महारत हासिल है और उनका पासिंग प्रतिशत 75.21 है। चेन्नईयन एफसी और एटीके मोहन बगान के खिलाफ खासकर इस खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया था।

8. राहुल केपी

राहुल केपी को इस लिस्ट में देखकर कई लोग चौंक जाएंगे और सवाल करेंगे। लेकिन अगर हम देखें तो जब केरला ब्लास्टर्स के फैंस सहल अब्दुल समद के कंट्रोल के पीछे क्रेजी हो रहे थे तब राहुल केपी टीम के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे। फैंस उस प्लेयर को ज्यादा पसंद करते हैं जो धुर-विरोधी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हैं। राहुल ने बेंगलुरु एफसी के खिलाफ कुछ ऐसा ही किया था। उन्होंने द ब्लूज के खिलाफ इस सीजन के दोनों ही मुकाबलों में गोल किए।

वह एक वर्सेटाइल खिलाड़ी हैं। उन्होंने अभी तक विंगर, फुल बैक और फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के दौरान फॉरवर्ड के तौर पर भी खेला था। केरला ब्लास्टर्स में भी वो राइट विंगर, फॉरवर्ड और सेंट्रल अटैकिंग आउटलेट के तौर पर खेलते हैं। उनकी शूटिंग देखने लायक होती है। बेंगलुरु एफसी के खिलाफ मुकाबले में जिस तरह से उन्होंने गुरप्रीत सिंह संधू को चकमा दिया था वो काबिलेतारीफ है। गेम के आखिर में वो डिफेंडर्स को काफी परेशान कर सकते हैं।

7. चिंगलेनसाना सिंह कोनशाम

चिंगलेनसाना सिंह कोनशाम को ज्यादा प्रसिद्धि तब मिली थी जब वो शिलॉन्ग लाजोंग से दिल्ली डायनामोज की टीम में आए थे। वहां पर उनके खेल में काफी सुधार हुआ। हालांकि उसके बाद वो एफसी गोवा की टीम में चले गए और इसी वजह से उन्हें मात्र 20 ही मैच खेलने के मौके मिले। कुछ साल पहले चिंगलेनसाना को स्टीफन कॉन्स्टेनटाइन के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम में भी खेलने का मौका मिला था। उन्होंने भुटान के खिलाफ मुकाबला खेला था।

इसके बाद 24 वर्षीय खिलाड़ी को हैदराबाद एफसी की तरफ से खेलने का मौका मिला और इस बार उन्होंने कोई गलती नहीं की। हैदराबाद ने कई मुकाबले ड्रॉ खेले और इस दौरान पांच क्लीन शीट दर्ज किए। सीजन की शुरुआत में इसकी किसी ने भी कल्पना नहीं की थी। चिंगलेनसाना सिंह ने मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था जो लीग की बेस्ट अटैकिंग टीम मानी जाती है। नॉर्थईस्ट और चेन्नईयन के खिलाफ उनका हालिया प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा है।

6. लिस्टन कोलासो

अगर आप टीम में क्रिएटिविटी चाहते हैं तो फिर लिस्टन कोलासो इसके लिए परफेक्ट प्लेयर हैं। आईएसएल में हैदराबाद एफसी की तरफ से खेलते हुए कोलासो ने ज्यादातर मौकों पर सबको प्रभावित किया है। नॉर्थईस्ट यूनाईटेड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 26 मिनट के अंदर ही दो गोल कर दिए और टीम को 4-2 से जीत दिलाई।

हर मुकाबले में वो 2.2 बार फाउल करते हैं और इससे पता चलता है कि वो लगातार डिफेंस को बीट करते हैं। स्कॉट नेविल के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने ड्रिबलिंग की थी वो देखने लायक थी। कोलाको ने अभी तक दो गोल किए हैं और तीन में असिस्ट दिए हैं।

5. लालेंगमाविया

नॉर्थईस्ट की तरफ से खेलते हुए लालेंगमाविया ने शानदार प्रदर्शन किया है। जेरार्ड नुस की कोचिंग में उनकी स्किल में काफी सुधार हुआ है। अपोजिशन के हाफ में उनके 75 प्रतिशत पास काफी सटीक रहे हैं और इससे पता चलता है कि सेंट्रल मिडफील्ड में उनका परफॉर्मेंस कैसा रहा है।

लालेंगमाविया डिफेंस में भी काफी अच्छा खेल दिखाते हैं। वो हर गेम में लगभग 4.5 टैकल और 2.2 इंटरसेप्शन करते हैं। अगर उनके हीटमैप को देखें तो पता चलता है कि उन्हें बॉक्स टू बॉक्स रोल ज्यादा पसंद है। नॉर्थईस्ट यूनाईटेड के काफी सारे फैंस इस बात को मानेंगे कि वो सीजन के सबसे जबरदस्त प्लेयर साबित हो सकते हैं।

4. बिपिन सिंह

जिस टीम के अटैकिंग लाइनअप में हूगो ब्यूमोस, एडम ली फोंड्रे, बर्थोलोमेव ओगबेचे, साई गोडार्ड और जैकीचंद सिंह जैसे खिलाड़ी हों वहां पर अपनी जगह बनाना काफी मुश्किल होता है। मुंबई सिटी की सफलता का थोड़ा बहुत श्रेय बिपिन सिंह को भी मिलना चाहिए।

इस सीजन कई मौकों पर उन्होंने यादगार प्रदर्शन दिया है और पूरे मैच में मोमेंटम बनाए रखने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने अभी तक मुंबई सिटी एफसी की तरफ से दो गोल किए हैं और चार असिस्ट दिए हैं। इगोर स्टिमैक को जरुर बिपिन सिंह पर ध्यान देना चाहिए।

3. आशीष राय

आशीष राय को डिफेंस और फॉरवर्ड दोनों में महारत हासिल है और किसी भी कोच के लिए वो ड्रीम प्लेयर साबित हो सकते हैं। उनका डिफेंस तो मजबूत रहा ही है लेकिन अब उन्होंने फॉरवर्ड के तौर पर भी प्रोग्रेस किया है। चेन्नईयन एफसी और एफसी गोवा के खिलाफ उनका प्रदर्शन यादगार रहा। चेन्नईयन के खिलाफ उन्होंने लालिंजुआला को अपनी मैजिक दिखाने का मौका ही नहीं दिया।

आशीष राय ड्रिबलिंग में भी माहिर हैं और हर गेम में कम से कम 1.68 सफल ड्रिबल जरुर करते हैं। पिछले सीजन से ही वो एक जबरदस्त खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।

2. इशान पंडिता

अगर हम इशान पंडिता को आईएसएल का ओले गुनार सोल्सजेयर कहें तो गलत नहीं होगा। उनके आंकड़े इस बात के गवाही देते हैं। उन्होंने आईएसएल में एफसी गोवा के लिए सात मुकाबलों में चार गोल दागे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने मैदान में सिर्फ 51 मिनट बिताए हैं और उस दौरान ही ये चार गोल किए हैं। अगर इस हिसाब से तुलना करें तो उन्होंने लगभग हर 13 मिनट में गोल किए हैं।

हैदराबाद एफसी के खिलाफ उन्होंने टीम को जीत दिलाई। इसके अलावा एटीके मोहन बगान, मुंबई सिटी एफसी और चेन्नईयन एफसी के खिलाफ ड्रॉ कराया। उन्होंने अपने हाफ चासेंस को लगातार गोल में कन्वर्ट किया है। अगर इंडियन टीम में उन्हें जगह मिले तो फिर सुनील छेत्री और इशान पंडित की जोड़ी को मैदान में देखने में काफी मजा आएगा।

1. आकाश मिश्रा

आकाश और आशीष के बीच फैसला लेना काफी मुश्किल था लेकिन बाजी आकाश के हाथ लगी। इसकी वजह ये है कि आकाश मिश्रा का ये पहला आईएसएल सीजन था। 20 साल की उम्र में ही उन्होंने जिस तरह से जोश, जज्बा और धैर्य दिखाया है वो काफी शानदार है। इंडियन एरोज के सेटअप से जब वो आए थे तब किसी ने उनसे इस तरह के परफॉर्मेंस की उम्मीद नहीं की थी। नॉर्थईस्ट यूनाईटेड, जमशेदपुर और मुंबई सिटी के खिलाफ वो अलग लेवल पर थे।

आकाश मिश्रा जबरदस्त तरीके से पास करते हैं। उन्होंने हर गेम में औसतन 2.6 इंटरसेप्ट किए हैं और 4.1 टैकल का भी औसत है। इगोर स्टिमैक इंडियन टीम में काफी अच्छी तरह से आकाश का प्रयोग कर सकते हैं।

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