इंडिया नही ऑस्ट्रेलिया के हलक में थी जान, अगर ऐसा होता तो सिडनी टेस्ट में कंगारूओं को धूल चटा देती भारतीय टीम

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India vs Australia: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी के मैदान पर रोमांचक तीसरा टेस्ट मैच देखने को मिला। ऐसा कम ही मौकों पर देखने को मिला है कि कोई टीम टेस्ट मैच के पांचवे दिन चोटिल खिलाड़ियों के साथ 131 ओवर बल्लेबाजी करते हुए मैच को बचा ले। लेकिन अगर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि इस मैच को भारत ने नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया ने बचाया है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कुछ कारण बताएंगे जिससे साफ पता चलता है कि भारत इस टेस्ट मैच को जीत रहा था।

10 ओवर और टिक जाते ऋषभ पंत: कप्तान रहाणे के आउट हो जाने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने के लिए आए। पंत की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने एक पल भारत को इस मैच में जीत के करीब ला दिया था। पंत के आउट होने से पहले टीम इंडिया ने 250 रन बना लिए थे और वह जिस तरह से खेल रहे थे उससे साफ था कि भारत इस मैच को जीत जाएगा। ऋषभ पंत अगर 10 ओवर और खेल जाते तो टीम इंडिया आसानी से ऑस्ट्रेलिया को हरा देती।

खेलते हुए विहारी की चोटिल हो जाना: हनुमा विहारी नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने के लिए आए थे। रन दौड़ते हुए उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ और उसके बाद वह सिंगल लेने में भी असहज दिखे। ऐसे में अगर हनुमा विहारी चोटिल न होते और वह सिंगल लेते रहते तो फिर भारत इस मैच को जीत जाता।

रविन्द्र जडेजा की चोट: पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान जडेजा चोटिल हो गए थे। जडेजा शानदार फॉर्म में थे पहली पारी में भी उन्होंने नाबाद 28 रन बनाए थे। ऐसे में अगर दूसरी पारी में भी जडेजा बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह से फिट होते तो फिर ऋषभ पंत के आउट होने के बाद टीम इंडिया इस मैच को ड्रॉ कराने के लिए नहीं बल्कि जीतने के लिए जाता।

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