Friday, April 23, 2021
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IPL Throwback: सांस रोक देने वाले मैच में जब मुंबई इंडियंस ने धोनी की सेना को 1 रन से हराकर चौथी बार जीता था फाइनल

आईपीएल 2019 का फाइनल मैच सचमुच दिलों की धड़कन रोक देने वाला मैच था, जिसमे मैच की अंतिम गेंद पर एक रन के मामूली अंतर से मुंबई इंडियंस ने पिछली बार के चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स को हरा दिया।

राजीव गाँधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम हैदराबाद में रविवार की शाम ,मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर 8 विकेट खोकर 149 रनों का मामूली स्कोर बनाया जो चेन्नई की ताक़तवर टीम को देखते हुए काफी काम लग रहा था। किन्तु मलिंगा ,जिनकी पूरे मैच में काफी धुनाई हुई थी, ने अंतिम गेंद ,जिस पर चेन्नई को जीतने के लिए दो रन बनाने थे, शार्दूलठाकुर को पगबाधा आउट कर मुंबई को एक रन से विजयी बना दिया।

दोनों टीमों में एकरूपता दिखी जब दोनों ही टीम्स ने पारी का आग़ाज़ तेज़ रन बनाकर किया किन्तु एक साथ कई विकेट खोने के कारण मध्य के ओवर्स में तेज़ रन नहीं बना पाए। कीरन पोलार्ड ने मुंबई इंडियंस को अंतिम ओवर्स में संकट से उबारा वहीं शेन वॉटसन, चेन्नई सुपर किंग्स को अपनी शानदार पारी द्वारा जीत के काफ़ी क़रीब ले गए।

चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से लक्ष्य का पीछा करते हुए फॉफ डुप्लेसी ने अपनी बल्लेबाज़ी में ज़ोरदार हमला करते हुए प्रथम 4 ओवर्स में 33  रन ठोक दिए जिसमे डुप्लेसी के 26 रन थे। वाटसन और सुरेश रैना ने दूसरे विकेट के लिए 37 रन जोड़े लेकिन अगले 12 रन बनाने में उनको तीन विकेट खोने पड़े जिससे लक्ष्य पाना कठिन लगने लगा।

यही वह समय था जब किसी को आगे आकर ज़िम्मेदारी लेनी थी ओर यह काम वाट्सन ने किया, वे मलिंगा ओर क्रुणाल पांड्या की गेंदों पर कहर बनकर टूट पड़े ,लेकिन अंतिम ओवर की चौथी  गेंद पर रन आउट होने से मुंबई इंडियंस को मनचाही मुराद मिल गयी ओर उन्होंने मैच जीत लिया।

मुंबई इन्डियन्स की और से जसप्रीत बुमराह (14 रन देकर 2 विकेट) की आग उगलती गेंदों को चेन्नई के बल्लेबाज़ नहीं झेल पाए। बीच के वर्ष में राहुल चाहर, जिसने सुरेश रैना को आउट किया, ने काफी किफायती गेंदबाज़ी की। मिचेल मैक्लेघन ने काफी तेज़ गेंदबाज़ी की परन्तु कोई विकेट नहीं ले पाए। क्रुणाल पांड्या ओर मलिंगा ने एक – एक विकेट लिया।

टॉस जीतकर पहले बैटिंग का निर्णय कर मुंबई इंडियंस के कैंप ने अपनी पारी का आगाज़ सावधानी पूर्वक किया ओर पहले ओवर में मात्र दो रन बनाये। तीसरे ओवर में डी कॉक अपने रंग में आये ओर दीपक चाहर की गेंदों पर तीन छक्के मार दिए। अब पारी ने तेज़ रफ़्तार पकड़ ली थी किन्तु तभी चार गेंदों के अंतराल में दोनों विकेट गिर जाने से MI के कैंप में सन्नाटा छा गया।

पारी संवारने की ज़िम्मेदारी अब सूर्या कुमार यादव ओर ईशान किशन की थी। उन्होंने 37 गेंद में 37 रन बनाकर उसे निभाया भी। लेकिन फिर से चेन्नई के गेंबाज़ों के बढ़िया प्रदर्शन से MI बैक फुट पर आ गया। इन दोनों के आउट होने के बाद कीरन पोलार्ड ओर हार्दिक पांड्या ने 39 रनों की तेज़ साझेदारी निभाई ,तभी हार्दिक पगबाधा आउट हो गए। अब साड़ी ज़िम्मेदारी कीरन पोलार्ड (जिनका आज जन्मदिन भी था) की थी की वे अपनी टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाएं। त्रिनिदाद के इस बल्लेबाज़ ने मुंबई इंडियंस को 41 रन बनाकर 149 रन तक पहुंचा दिया।

चेन्नई सुपर किंग्स ने स्थिति को काबू में रखा जब उन्होंने शुरू के 4.4 ओवर्स में ४५ रन दे दिए थे, किन्तु उसके बाद अगले 15.2 ओवर्स में सिर्फ 104 रन दिए। दीपक चाहर सबसे सफल गेंदबाज़ थे जिन्होंने 26 रन देकर तीन विकेट हासिल किये। शार्दूल ठाकुर ओर इमरान ताहिर ने एक एक विकेट लिया।

कीरन पोलार्ड जब बैटिंग करने आये तब मुंबई इंडियंस 13 ओवर्स में चार विकेट खोकर 89 रन बनाकर , संकट में घिर गयी थी। पोलार्ड ने अपनी पारी के प्रारम्भ में अधिक खतरा नहीं उठाया ओर एक दो रन से ही संतुष्ट रहे ,15 वें ओवर में जब इमरान ताहिर ने उन्हें फुल टॉस डाली तो उन्होंने पहला छक्का मारा।

17 वें ओवर में ताहिर की गेंद को छक्का मारकर गेंद स्टेडियम के बहार भेज दी। शारदुल  ठाकुर के अगले ओवर पोलार्ड ने अपना तीसरा छक्का मारा। अपनी 25 गेंद की पारी के दौरान पोलार्ड ने तीन छक्कों ओर तीन चौकों की सहायता से 41 रन बनाये।

लगता है शेन वाट्सन अपना सर्वश्रेष्ठ खेल फाइनल मैच के लिए बचाकर रखते हैं। पिछले वर्ष के फाइनल मैच,जिसमे उनकी सेंचुरी से CSK चैंपियनशिप जीत गया था , को आगे बढ़ाते हुए इस मैच में भी वाट्सन ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। 16 वें ओवर के प्रारम्भ होने के समय वे 42 गेंदों पर 42 रन बनाकर क्रीज़  पर मौजूद थे। मलिंगा जो उन्हें ज़्यादातर गेंदें ऑफ स्टंप के बहार फेंक रहे थे , उन पर वाट्सन ने थर्ड मैन ओर पॉइंट पर ड्राइव और कट द्वारा चौके बटोरे।

18 वा ओवर  जो क्रुणाल पांड्या ने डाला , उस पर वाट्सन ने तीन छक्के मारकर मैच में जान फूंक दी। अब जीतने के लिए तीन गेंद में पांच रनों की आवश्यकता थी। अगली यॉर्कर लेंथ की गेंद को खेलकर एक रन आसानी से बना लिया किन्तु दूसरा रन लेने में जडेजा के साथ गलतफ़हमी के चलते वाट्सन रन आउट हो गए। वाट्सन ने 51 गेंद में 80 रन बनाये।

ऐसी पिच पर जो ठोस और सपाट थी, बुमराह ने शानदार गेंदबाज़ी (4-0-14-2) का प्रदर्शन किया।  उनकी गेंदों की एवरेज स्पीड 141.7 थी।  उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में एक भी चौका नहीं लगने दिया।

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए दीपक चाहर और शार्दूल ठाकुर ने अपने 8 ओवर्स में मिलकर एक मेडन रखते हुए 63 रन देकर 5 विकेट लिए। चाहर जिन्होंने अपने पहले दो ओवर में 22 रन लुटा दिए थे, अगले दो ओवर में सिर्फ 42 रन दिए और तीन विकेट भी प्राप्त किये। शार्दूल ठाकुर ने  डे कॉक और क्रुणाल पांड्या के विकेट लिए और उनकी गेंदबाज़ी का विश्लेषण 4-0-37-2 रहा।

संक्षिप्त स्कोर:- 

    • मुंबई इन्डियन्स – 149 रन 8 विकेट खोकर। कीरन  पोलार्ड नाबाद 41 रन। (दीपक चाहर तीन विकेट 26 रन देकर)
    • चेन्नई सुपर किंग्स – 148 रन 7 विकेट खोकर। शेन वाट्सन 80  रन  (जसप्रीत बुमराह दो विकेट 14 रन देकर)

आईपीएल फाइनल 2018 – हैदराबाद को हराकर जब चेन्नई ने जीता था अपना तीसरा ख़िताब

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