Sunday, August 1, 2021
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सबसे कम उम्र में ICC टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले 5 भारतीय खिलाड़ी

आईसीसी टूर्नामेंट आम तौर पर सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं जहां खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलता है. कभी-कभी खिलाड़ियों पर दबाव बन जाता है, और वे उस स्तर तक प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं जो वे आमतौर पर करते हैं.

हालांकि, कुछ अन्य खिलाड़ी भी हैं जो इस तरह के चरणों का अधिकतम लाभ उठाते हैं और बहुत कम उम्र में ही क्षमता दिखाते हैं. यहां आईसीसी टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने वाले पांच सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी के बारे में जानेगे.

5) विराट कोहली – 20 वर्ष और 329 दिन (2009 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी)

2009 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप गेम में भारत का सामना वेस्टइंडीज से हुआ. अगले राउंड में क्वालीफाई करने का मौका पाने के लिए मेन इन ब्लू को गेम जीतना था. गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज को महज 129 रन पर आउट कर अपना काम किया.

लेकिन भारत 12 पर 2 विकेट खोने के बाद मुश्किल में था. तभी, एक युवा विराट कोहली बैटिंग के लिए आये और यह उनके स्वभाव का टेस्ट था. उन्होंने धैर्यपूर्वक विंडीज के तेज गेंदबाजों के शुरुआती विस्फोट को देखा और फिर भारतीय पारी को मजबूत किया. उन्होंने 104 गेंदों में शानदार 79 रन की पारी खेली जिससे भारत को 7 विकेट की जीत मिली. हालांकि भारत सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया, विराट कोहली ने साबित कर दिया था कि वह आगे चलकर एक विशेष क्रिकेटर बनने जा रहे हैं और आईसीसी टूर्नामेंट में अपना पहला मैन ऑफ द मैच पुरस्कार प्राप्त किया.

4) रोहित शर्मा – 20 साल और 143 दिन (2007 आईसीसी टी 20 विश्व कप)

2007 टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण में भारत को करो या मरो के संघर्ष में दक्षिण अफ्रीका का सामना करना पड़ा. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत 61 पर 4 विकेट गवांने के बाद गहरे संकट में था. हालांकि इसके बाद युवा 20 वर्षीय रोहित शर्मा ने केवल 40 गेंदों पर एक महत्वपूर्ण अर्धशतक बनाया. जिसके बाद भारत की टीम ने 155-5 का सम्मानजनक स्कोर बनाया.

जवाब में भारत के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने शानदार गेंदबाजी की और भारत ने मैच 37 रनों से जीता. हलांकि मैन ऑफ द मैच अवार्ड युवा बल्लेबाज रोहित शर्मा को दिया गया.

3) सचिन तेंदुलकर – 18 साल और 317 दिन (1992 विश्व कप)

सचिन तेंदुलकर ने वर्ल्ड कप 1992 में जिम्बाब्वे के खिलाफ ये यादगार पारी खेली थी. पहले बल्लेबाजी करते हुए, भारत ने 203-7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया और तेंदुलकर ने 81 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली.

बारिश से प्रभावित मैच में लक्ष्य को 19.1 ओवर में संशोधित कर 159 रन कर दिया गया जो कि जिम्बाब्वे के स्कोर से 55 रन अधिक था. भारत ने आराम से खेल जीत लिया और सचिन तेंदुलकर को शानदार पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया गया.

2) सचिन तेंदुलकर – 18 साल और 314 दिन (1992 विश्व कप)

भारत ने 1992 के बेन्सन एंड हेजेस विश्व कप के ग्रुप गेम में पाकिस्तान के साथ खेला और पहले बल्लेबाजी की. शुरुआती विकेट खोने के बावजूद, भारत अपने 50 ओवरों में 216-7 के प्रतिस्पर्धी कुल स्कोर करने में सफल रहा, मैच में सचिन तेंदुलकर ने शानदार अर्द्धशतक लगाया.

18 वर्षीय ने महज 62 गेंदों पर 54 रन की पारी खेली और टीम इंडिया को पारी के अंत में गति प्रदान की. भारतीय गेंदबाजों पर पाकिस्तान के बल्लेबाजों का दबदबा था क्योंकि वे सिर्फ 173 रन पर आउट हो गए थे. भारत ने 43 रन से मैच जीत लिया और सचिन को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला.

1) युवराज सिंह – 18 साल और 299 दिन (2000 आईसीसी नॉकआउट)

भारत ने वर्ष 2000 में ICC नॉकआउट के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेला. पहले बल्लेबाजी करते हुए, भारत नियमित अंतराल पर विकेट खो रहा था. भारतीय बल्लेबाजों पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने दबदबा कायम किया हुआ था.

इसके बाद 18 वर्षीय युवराज सिंह अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाजी करने उतरे. अपनी जवाबी आक्रमण शैली के साथ, युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हमला किया और केवल 80 गेंदों में 12 चौकों सहित 84 रन की तेज पारी खेली. भारत अपने 50 ओवरों में 265 रन बनाने में सफल रहा. यह ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बहुत अधिक था क्योंकि भारत ने उन्हें 240 रन पर समेट दिया गया था. युवराज सिंह इस प्रकार आईसीसी टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए.

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