इंग्लैंड के लिए आज के इयान बॉथम है बेन स्टोक्स रिकॉर्ड्स दे रहे है गवाही

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इंग्लैंड से समय-समय पर कई बेहतरीन ऑलराउंडर सामने आए पर जो चर्चा अपनी ऑलराउंड क्रिकेट की बदौलत इयान बॉथम को मिली उसका कोई मुकाबला नहीं। इसकी सबसे बड़ी वजह ये कि उनके प्रदर्शन ने सीधे मैच के नतीजे पर असर डाला।

टेस्ट क्रिकेट की ही बात करते हैं। बॉथम ने 102 टेस्ट में 5200 रन बनाए 33.54 औसत से, जिसमें 14 स्कोर 100 वाले थे। साथ में 28.40 औसत से 383 विकेट निकाले, जिनमें 5 विकेट का रिकॉर्ड 27 बार और 10 विकेट का रिकॉर्ड 4 बार बनाया। इसे गज़ब का  ऑलराउंड रिकॉर्ड नहीं कहेंगे तो और किसे कहेंगे? जब माइक ब्रेयरली की कप्तानी में वे टेस्ट जीतने वाली क्रिकेट खेल रहे थे तो एक बार माइक ब्रेयरली ने कहा था कि बॉथम टीम में हों तो कुछ भी नामुमकिन नहीं।

stokes

लगभग यही बात अब मनचेस्टर टेस्ट जीतने के बाद इंग्लैंड के कप्तान जो रुट ने स्टोक्स के बारे में कही। स्टोक्स ने टेस्ट में 254 रन बनाए और 3 विकेट लिए। पहली पारी में जब टीम संकट में थी तो 176 में पहले 100 रन 255 गेंद में बनाए। दूसरी पारी में जब वेस्टइंडीज को जीत का टारगेट देने के लिए तेज रन की जरूरत थी तो न सिर्फ ओपनिंग की 57 गेंद में 78* का स्कोर बनाकर इंग्लैंड को जीत की राह पर डाल दिया, जो 3 विकेट लिए उनमें दोनों पारी में एक-एक विकेट ऐसा था, जिसने वेस्टइंडीज की मैच में लौटने की कोशिश को झटका दिया। इसे कहते हैं मैच जीतने वाली क्रिकेट।

हालांकि, यह कहना गलत होगा कि अकेले स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट जीता पर टेस्ट पर उनकी क्रिकेट के प्रभाव की सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता। रुट ने कहा, “मेरा ख्याल है कि उनमें लगातार ऐसा ही खेलने की योग्यता है। उनके लिए आकाश ही सीमा है। इससे बेहतर तारीफ और क्या होगी?

इन दोनों ऑलराउंडर के रिकॉर्ड की आपसी तुलना सही नहीं होगी क्योंकि स्टोक्स कम खेले हैं बॉथम से। स्टोक्स ने 65 टेस्ट में 4399  रन बनाए 38.58 औसत से जिसमें 10 स्कोर 100 वाले। साथ में 31.73 औसत से 156 विकेट निकाले, जिनमें 5 विकेट का रिकॉर्ड 4 बार बनाया, जब बॉथम ने स्टोक्स के बराबर 65 टेस्ट खेले थे तो बॉथम ने 3704 रन बनाए थे 100 वाले 13 स्कोर के साथ और 284 विकेट लिए थे। स्टोक्स अभी खेल रहे हैं और बहुत सी क्रिकेट बाकी है उनके लिए।

ian botham

इन दोनों की क्रिकेट की एक खासियत और है। दोनों को कप्तानी की जिम्मेदारी कोई ख़ास रास नहीं आई। हालांकि इस विजडन ट्रॉफी सीरीज के साउथम्पटन के पहले ही टेस्ट में स्टोक्स को कप्तान बनाया था पर वे टेस्ट हारे। बॉथम की तो कप्तानी के दबाव ने हालत ये कर दी थी कि एक सीरीज के बीच में ही उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। उसी सीरीज में माइक ब्रेयरली की कप्तानी में खेले तो मैच विनर साबित हुए। माइक ब्रेयरली जिन 31 टेस्ट में कप्तान रहे उनमें से 26 टेस्ट में उनकी टीम में बॉथम थे और 1489 रन बनाए तथा 150  विकेट लिए। जो रुट जिन 40 टेस्ट में कप्तान रहे हैं अब तक उनमें से 32 में स्टोक्स खेले हैं और 2408 रन बनाए तथा 71 विकेट लिए। ये दोनों कप्तान अपने-अपने कप्तानी के रिकॉर्ड में इन बेहतरीन ऑलराउंडर के योगदान से इंकार नहीं कर सकते।

एक अच्छा ऑलराउंडर टीम की संरचना का संतुलन बदल देता है और स्टोक्स की टीम में मौजूदगी वही कर रही है। वे आज इंग्लैंड के लिए वैसे ही मैच विनर हैं जैसे कभी बॉथम थे।

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