इन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने भारत को इंटरनेशनल लेवल पर दिलाई अलग पहचान

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Indian Sports Women List क्रिकेट हो या अन्य खेल आज भारतीय पुरुष ही नही भारतीय महिलाएं भी इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। आज महिलाएं किसी भी खेल और लेवल पर पुरुष से पीछे नही बल्कि उनके कंधे से कंधा मिलाकर भारत का गौरव बढ़ा रही है। और उसकी शुरुआत हुई इन भारतीयों महिलाओं अचीवमेंट के साथ।

शांता रंगास्वामी

Shanta Rangaswamy

वर्ष 1976 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेेला था। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए इस टेस्ट मैच में शांता रंगास्वामी ने भारतीय टीम की कप्तानी की थी और उन्हीं की कप्तानी में भारतीय टीम ने नवंबर 1976 को पटना ने अपना पहला टेस्ट मैच जीता था।

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पीटी उषा

PT Usha

वर्ष 1984 में लॉस एंजिल्स में हुए ओलिंपिक में 400 मीटर हर्डल रेस में भारत की पीटी उषा सेकंड के 100वें हिस्से से ब्रॉन्ज पदक जीत जीत नहीं पाई थी। उन्‍होंने इस दौड़ को पूरा करने में 55.42 सेकंड का समय लिया था। पीटी उषा भले ही इस ओलिंपिक में कोई पदक नहीं जीत पाई हों। लेकिन उन्होंने भविष्य के भारतीय धावकों को एक रास्ता दिखा दिया कि ओलंपिक जैसे बड़े इवेंट में वह भी चुनौती पेश कर सकते हैं। पीटी उषा की इस बड़ी उपलब्धि ने महिलाओं में विश्वास से भर दिया था। जिसका असर आने वाले खेलों में दिखाई दिया।

सानिया मिर्जा

sania-mirza

टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा ऐसी पहली भारतीय महिला है जो टेनिस कोर्ट में खेलने उत्तरी और भारत का नेतृत्व किया। सानिया ने कमाल के खेल से अन्य महिला खिलाड़ियों को एक राह दिखाई। सानिया मिर्जा अपने करियर में डबल्स में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रही है। तो वहीं 6 ग्रैंड स्लैम भी अपने नाम कर चुकी है।

कर्णम मलेश्वरी

Karnam maleshwari

ओलिंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने वाली पहली महिला, वेटलिफ्टर कर्णम मलेश्वरी है। उन्होंने वर्ष 2000 सिडनी ओलिंपिक में कुल 240 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज पदक जीता था। फोगाट बहनों ने भारत में महिला पहलवानी को एक पहचान दिलाई। गीता फोगाट ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली भी पहली महिला पहलवान हैं। इन्होने महिलाओं को इस मुश्किल खेल को चुनने की हिम्मत और विश्वास दिया।

गीता फोगाट

Geeta phogat

गीता फोगाट ने वर्ष 2010 में कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भारत को गोल्ड मेडल जिताने वाली पहली पहलवान बनी थी। सायना नेहवाल ने बैडमिंटन के करियर में देश महिलाओं को नई राह दिखाई।

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सायना नेहवाल

Saina-Nehwal

सायना नेहवाल ने अपने खेल बदौलत दुनिया को भारत की काबिलियत दिखाई। दुनिया में नंबर एक की रैंक पर रह चुकी सायना के नाम 24 अन्तर्राष्ट्रीय खिताब हैं। सायना ने वर्ष 2012 लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बैडमिंटन में ओलिंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी।

मैरीकॉम

Marry com

भारत में लोग जैसे ही बॉक्सिंग का नाम लेते है तो उनके दिमाग में एक ही नाम आ जाता है मैरीकॉम। मैरीकॉम छह बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बना चुकी है। ओलिंपिक जैसे बड़े इवेंट में मैरीकॉम ने महिला मुक्केबाजी में भारत को पहली बार पदक भी जीताया था। उन्होंने लंदन ओलिंपिक में 51 किग्रा भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

दीपा कर्माकर

Dipa-Karmakar

जिमनास्टिक के खेल में दीपा कर्माकर ने भारतीय महिलाओं को ही नहीं ब‌ल्कि पुरुष खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया। जिमनास्टिक के खेल दीपा ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली भारतीय महिला है। वर्ष 2016 रियो ओलिंपिक में वॉल्ट प्रतिस्पर्धा में वह 15.066 अंकों के साथ चौथे स्‍थान पर रही।

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