मेरा सपना है भारतीय टीम फीफा वर्ल्ड कप में क्वालीफाई करें- नरेंद्र गहलोत

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नरेंद्र गहलोत के फुटबॉल सफर की शुरुआत उनके गांव से हुई थी जिसके बाद वह दिल्ली आ गए। हालांकि, फुटबॉल को लेकर वह गंभीर तब हुए जब वह चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी गए थे। वह साल 2017 में भारत में हुए फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले थे लेकिन चोट के कारण टीम के साथ नहीं जुड़ पाए।

उन्होंने पिछले साल हुए इंटरकॉन्टिनेंटल कप में ताजकिस्तान के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उसके बारे में बात करते हुए नरेंद्र गहलोत ने कहा, “मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं पहला मैच खेलूंगा। मैच से एक दिन पहले हुए प्रैक्टिस सेशन के बाद मीटिंग में मुझे बताया गया कि मैं टीम में शामिल हूं और उन्हें भरोसा है कि मैं अच्छा करूंगा।”

फीफा वर्ल्ड कप के क्वॉलीफायर में भारत का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा जिसके लिए टीम के नए कोच इगोर स्टीमाक को निशाने पर लिया जा रहा है। फैंस का और दिग्गजों का मानना है कि टीम सही रास्ते पर नहीं है। हालांकि, नरेंद्र गहलोत ऐसा नहीं मानते है। उनका मानना है कि टीम के हेड कोच खिलाड़ियों में विश्वास दिखाते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है टीम सही राह है। पिछले कोच के तरीके और तकनीक अलग थी और स्टीमाक अलग हैं। उनके नए तरीकों को अपनाने में खिलाड़ियों को समय लग रहा है। बेशक टीम पॉजेशन रखना सीख रही है और साथ ही डिफेंस पर भी काम किया जा रहा है जो कुछ समय में बेहतर होगा।”

नरेंद्र गहलोत

भारतीय टीम के साथ अपने भविष्य को लेकर नरेंद्र गहलोत ने कहा कि उनका सपना है कि उनकी टीम फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करे। इसके अलावा किसी बड़े विदेशी क्लब के लिए खेलना उनका सपना नहीं है, बल्कि वह किसी भारतीय क्लब के साथ एफसी चैंपियंस लीग खेलना चाहेंगे।

नरेंद्र गहलोत के फुटबॉल करियर की शुरुआत इंडियन ऐरोज से हुई थी। इससे पहले उन्होंने सीनियर और अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ कभी नहीं खेला था जिससे उन्हें काफी मदद मिली। गहलोत ने बताया कि इंडियन ऐरोज के बाद एफसी गोवा और जमशेदपुर एफसी के अलावा कई क्लब उन्हें खरदीने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, “एफसी गोवा और कई क्लबों ने मुझमें दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन मेरे अकेडमी के कोच सुखान सर ने कहा कि मुझे जमशेदपुर एफसी से जुड़ना चाहिए क्योंकि इस क्लब ने मुझसे वादा किया था कि वह मुझे खेलने का ज्यादा मौका देंगे।”

उनके पहले सीजन में क्लब केवल 18 ही अंक हासिल कर पाई थी। अंडर-19 टीम का हिस्सा होने के कारण वह शुरुआती चार मैच नहीं खेल पाए थे। वह वापसी को तैयार थे लेकिन टीम के कई बड़े खिलाड़ी इंजरी का शिकार हुए औऱ टीम के प्रदर्शन पर काफी असर पड़ा। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि आईएसएल के अगले सीजन के बदले हुए नियमों के कारण वह औऱ बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

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