692 विकेट लेने वाले इस दिग्गज गेंदबाज का खुलासा, एक वर्दी, एक राष्ट्रगान, फिर भी सौतेलापन

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इन दिनों पूरी दुनिया में ब्लैक लाइव्स मैटर (Black Lives Matter) आंदोलन चरम पर है, अब क्रिकेट मैदान पर भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है, दक्षिण अफ्रीका के 30 खिलाड़ियों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है, अब पूर्व अफ्रीकी तेज गेंदबाज मखाया एंटीनी ने टीम के साथ अपने समय को याद करते हुए शुक्रवार को कहा कि वो नस्लवाद का शिकार रहे, और हमेशा खुद को अकेला महसूस करते थे। उन्होने दक्षिण अफ्रीकी टीम के तत्कालीन खिलाड़ियों पर आरोप लगाया, कि वो उनसे अलग रहते थे, दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिये 662 विकेट हासिल करने वाले 43 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने शॉन पोलाक, जैक कैलिस, मार्क बाउचर और लांस क्लूजनर जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रुम साझा किया है।

मखाया एंटीनी

एंटीनी का सनसनीखेज आरोप

अमेरिका में अफ्रीकी मूल के जार्ज फ्लॉयड की एक श्वेत पुलिसकर्मी के हाथों मौत के बाद पूरी दुनिया में ब्लैक लाइव्स मैटर (अश्वेत जीवन भी मायने रखता है) आंदोलन चल रहा है, इसी के तहत एंटीनी ने अपने अनुभवों को साझा किया है, आपको बता दें कि अफ्रीका टीम के तीस खिलाड़ियों ने इस आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाई है, एंटीनी ने बताया कि राष्ट्रीय टीम में होने के बाद भी कोई भी खिलाड़ी मुझे अपने साथ खाने खाने के लिये नहीं ले जाता था, टीम के साथी खिलाड़ी मेरे सामने ही योजना बनाते थे, लेकिन उसमें मुझे शामिल नहीं करते थे, नाश्ते के समय मेरे पास भी कोई नहीं बैठता था।

टीम बस में जाने से बचते थे एंटीनी

एंटीनी ने कहा कि हम एक जैसी वर्दी पहनते हैं, एक ही राष्ट्रगान गाते हैं, लेकिन मुझे इन सबसे अलग रहना पड़ता था, अलगाववाद से छुटकारा पाने के लिये टीम बस में जाने से मैं बचता था, मैं टीम के बस के ड्राइवर को अपना बैग दे देता था और बस के पीछे-पीछे मैदान तक दौड़ता था, उन्होने कहा कि लोगों ने कभी ये नहीं समझा कि मैंने ऐसा क्यों किया, मैंने भी उन्हें कभी नहीं बताया कि मैं क्या करने की कोशिश कर रहा हूं, मेरे लिये ये अच्छा था क्योंकि इससे मैं किसी का सामना करने से बचता था, एंटीनी ने बताया कि मैं एकांतवास से दूर भागने की कोशिश करता था, बस में अगर मैं पीछे बैठता था, तो वो आगे बैठ जाते थे, जब भी हम जीतते थे, तो माहौल खुशनुमा होता था, लेकिन हारने के बाद ठीकरा मेरे सिर पर फोड़ा जाता था।

मखाया एंटीनी

बेटे के साथ भी नस्लवाद

एंटीनी ने बताया कि उनके बेटे थांडो ने भी नस्लवाद का सामना किया है, मेरे बेटे का भी कुछ ऐसा ही अनुभव है, अंडर 19 विश्वकप शिविर में जाने से लगभग रोक दिया गया था, आपको बता दें कि एंटीनी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, अब उनके बेटे टीम का हिस्सा हैं।

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