पीवी सिंधु के इतिहास रचने के पीछे है ये खास शख्स, खुद रह चुका है बड़ा बैडमिंटन खिलाड़ी

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भारतीय बैटमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली वो पहली भारतीय शटलर बन गई हैं। ओलंपिक सिल्वर मैडल विजेता सिंधु ने स्विट्जरलैंड के बासेल में चल रही इस प्रतियोगिता के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को एकतरफा मात दी। मात्र 37 मिनट चले मैच में सिंधु ने ओकुहारा को सीधे सेट्स में 21-7, 21-7 से हरा दिया। सिंधु की इस कामयाबी पर देश में जश्न का माहौल है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके सिंधु को बधाई दी है।

पिता और मां भी थे खिलाड़ी

पीवी सिंधु का जन्म 1995 में हैदराबाद में हुआ। उसके पिता पीवी रमन्ना और मां पी. विजया, दोनों वॉलीबाल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी थे। पिता 1986 में सोल एशिया गेम्स में भारतीय वॉलीबाल टीम के सदस्य थे और टीम ने कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2000 में अर्जुन अवॉर्ड भी मिला था। लंबे कद की सिंधु ने माता-पिता के बजाय बैटमिंटन को चुना।

pv sindhu

आठ साल की उम्र से खेलना शुरू

पीवी सिंधु जब मात्र 8 साल की थीं, तब उन्होंने बैटमिंटन की ट्रेनिंग शुरू कर दी। सबसे पहले उन्होंने बैटमिंटन का क, ख, ग मेहबूब अली से सीखा। फिर उन्हें वो मिले, जिन्होंने शिखर तक पहुंचा दिया। वो 2001 ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियनशिप के विजेता पुलेला गोपीचंद की अकादमी पहुंचीं। फिर सिंधु ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। घर पर पदकों के ढेर लगते चले गए।

pv sindu with pulaila gopichand

बहन भी है हैंडबॉल खिलाड़ी

पीवी सिंधु की बड़ी बहन पीवी दिव्या भी खिलाड़ी है। यों कहा जाए कि पूरा घर ही खिलाड़ियों से भरा हुआ है तो गलत नहीं होगा। पीवी दिव्या हैंडबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी है। हालांकि, उसने खेल के बजाय चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाया है।

 

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