क्रिकेट में नेपोटिज्म पर बोले श्रीसंत, धोनी को लेकर किया बड़ा खुलासा

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बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में भाई भतीजावाद को लेकर बहस छिड़ गई है। यह बहस अब आउटसाइडर और इनसाइ़डर को लेकर छिड़ गई है। सुशांत की मौत के बाद अब बॉलीवुड की कई बड़े राज का खुलासा हो रहा है। बात तो यहां तक कही जा रही है कि बॉलीवुड में भाई भतीजावाद अब इस कदर पहुंच चुका है कि प्रतिभा की अब कोई जगह नहीं रह गई है। अब इन सबके बीच भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने सुशांत सिंह की मौत पर कहा कि कुछ भी हो उन्हें आत्महत्या नहीं करनी चाहिए थी।

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उन्होंने हेल एप से बातचीत करते हुए कहा कि श्रीसंत को आत्महत्या नहीं करनी चाहिए था। उन्हें हार नहीं मानना चाहिए था। उन्हें दट के सभी चीजों का सामना करना चाहिए था। अगर उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिला था तो उनका परिवार था। उनके माता पिता थे। उनके फैंस थे। मुझे नहीं लगता है कि भाई भतीजावाद कोई मुद्दा है। अगर कोई बच्चा बड़े स्टार के घर में पैदा हुआ तो इसमे उसकी क्या गलती है।

श्रीसंत

किक्रेट में भाई भतीजावाद को लेकर क्या बोले श्रीसंत

वहीं जब श्रीसंत से क्रिकेट में भाई भतीजावाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा घरलू क्रिकेट में होता है, लेकिन मेहनत करने वाले खिलाड़ी को कोई रोक नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तर पर नहीं खेल पाए उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि क्या उन्होंने ढंग से मेहनत की थी। क्या उन्होंने प्रैक्टिस के अलावा जिम और रिकवरी, डाइट पर अपना ध्यान लगाया। हमें खुद पर या किसी और पर आरोप लगाने की जरूरत नहीं है। हम बिना सपोर्ट के भी आगे बढ़ सकते हैं। अगर 5 विकेट लेकर सिलेक्शन नहीं होता तो 7 विकेट लेने की कोशिश करो। कामयाबी पाने तक हिम्मत नहीं छोड़नी चाहिए।’

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धोनी को लेकर किया ऐसा खुलासा

इसके साथ ही उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी अपनी जिंदगी में बहुत दुख झेले हैं। उनका भी कोई सहारा नहीं था। धोनी तो स्कूल टीम में भी कप्तान नहींं थे, लेकिन वे भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बने। उन्होंने भी अपनी जिंदगी में बहुत दुख झेले, जब वे टीम में आए थे तो उनका कोई सहारा नहीं था। उन्हें खुलकर खेलने का लाइसेंस तक नहीं था। लेकिन धोनी को मेहतन का फल मिला और उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

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