लार का इस्तेमाल ना करने से स्पिनर्स हो जाएंगे असहाय- यजुवेन्द्र चहल

0

इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर के सामने घुटनों के बल चल रही है. कोरोना वायरस से बचने के लिए जमीन से लेकर आसमान तक एक के बाद एक फैसले लिए जा रहे है. क्रिकेट जगत में भी BCCI ने एक फैसला लिया है. BCCI ने गेंद पर लार का इतेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया है. जिससे गेंदबाजों पर बल्लेबाज हावी होंगे. टीम इंडिया के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल का मानना है कि लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से तेज गेंदबाजों को तो नुकसान होगा ही, स्पिनर भी असहाय हो जाएंगे. चहल का कहना है कि इससे उन्हें बीच के ओवरों में जरूरी ‘ड्रिफ्ट’ नहीं मिलेगी.

और पढ़े: ये हैं दुनिया के सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते है

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC ने COVID-19 महामारी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इसके बाद माना जा रहा है कि यह खेल बल्लेबाजों के लिए अधिक अनुकूल बन जाएगा.चहल ने कहा, ‘अगर एक स्पिनर बीच के ओवरों में ड्रिफ्ट हासिल नहीं कर सकता, तो बल्लेबाजों के लिए आसानी होगी. इससे दुनिया का प्रत्येक गेंदबाज प्रभावित होगा. एक बार नेट्स पर गेंदबाजी करने के बाद ही मैं इसका समाधान ढूंढ पाऊंगा.

यजुवेन्द्र चहल

उन्होंने कहा, ‘मैंने देखा है कि कई स्पिनर चिन्नास्वामी में गेंदबाजी करते समय अपने एक्शन में बदलाव करते हैं. मैं उनका डर समझ सकता हूं. इसके बाद मैं अपनी टीम के बल्लेबाजों को इस बारे में बताता हूं, ताकि वे उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपना सकें. जिससे टीम को फायदा मिलता है. वहीं, चहल ने बताया कि हरभजन सिंह की एक सलाह हमेशा काम आती है. हरभजन सिंह ने बताया कि मैं हमेशा अपनी गति से बल्लेबाजों को परेशान करता हूं और फ्लाइट से चकमा देने की कोशिश करता हूं.

और पढ़े: 21 हजार से ज्यादा रन और 1100 से अधिक विकेट लेने वाला क्रिकेटर आज चला रहा है ट्रक

वहीं, दूसरी ओर भारत के सीनियर तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा का मानना है कि गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से बल्लेबाजों के लिए चीजें आसान हो जाएंगी. अब यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि प्रतिस्पर्धा बराबरी की रहे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICCने COVID-19 महामारी के चलते गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. इशांत शर्मा ने भारत के लिए 97 टेस्ट खेले है. 31 साल के ईशांत ने कहा कि अगर गेंदबाज खेल के प्रारूप में उपयोग की जाने वाली लाल गेंद को नहीं चमकाएंगे, तो यह स्विंग नहीं होगी और इससे बल्लेबाजों को मदद मिलेगी.

Leave A Reply

Your email address will not be published.