Friday, June 18, 2021
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आईएसएल के इतिहास में इंजरी टाइम में किए गए टॉप-10 बेहतरीन गोल

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का स्तर पिछले सात सालों के दौरान काफी बढ़ गया है और इस लीग ने कम समय में ही काफी लोकप्रियता हासिल कर ली है। बेहतरीन विदेशी प्लेयर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और शानदार ट्रेनिंग सुविधाओं की वजह से इंडियन प्लेयर्स को काफी फायदा हुआ है और उनकी गेम और स्किल में काफी सुधार देखने को मिला है।

लीग के सात सालों के दौरान कई यादगार लम्हे इस टूर्नामेंट में आए। कई मुकाबलों में तो मैच के आखिरी मिनटों में या फिर एक्स्ट्रा टाइम में गोल करके टीमों ने जीत हासिल की। टूर्नामेंट के इतिहास में कई ऐसे मैच हुए हैं जब टीमों ने इंजरी टाइम में गोल करके जबरदस्त तरीके से जीत हासिल की।

आइए जानते हैं टूर्नामेंट इतिहास में इंजरी टाइम में हुए टॉप-10 बेहतरीन गोल के बारे में:

10. अराता इजुमी बनाम केरला ब्लास्टर्स (केरला ब्लास्टर्स 2-3 एटलेटिको डी कोलकाता – 2015)

आईएसएल के पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में एटलेटिको डी कोलकाता ने केरला ब्लास्टर्स को हराकर टाइटल अपने नाम किया था। इसके बाद 2015 में केरला की टीम बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरी। दोनों ही टीमों ने जबरदस्त परफॉर्मेंस दिया और इसी वजह से कुल मिलाकर पांच गोल हुए।

केरला के स्टार खिलाड़ी एंटोनियो जर्मेन उस वक्त जबरदस्त फॉर्म में थे और उन्होंने दो गोल किया था। उन्होंने 85वें मिनट में गोल करके स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला दिया। हालांकि अराता इजुमी के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने 93वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को जबरदस्त जीत दिला दी।

9. रॉलिन बोर्जेस बनाम बेंगलुरु एफसी (बेंगलुरु एफसी 2-3 मुंबई सिटी – 2019-20)

मुंबई सिटी और बेंगलुरु एफसी के बीच दिसंबर 2019 में एक जबरदस्त थ्रिलर मुकाबला खेला गया था। रॉलिन बोर्जेस ने इस शानदार रोमांचक मुकाबले में आखिरी क्षणों में गोल कर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। शुभाशीष बोस ने 12वें मिनट में ही गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिला दी।

हालांकि, 58वें मिनट में माटो ग्रिक ने ओन गोल कर दिया लेकिन डिएगो कार्लोस ने 77वें मिनट में गोल करके एक बार फिर मुंबई को लीड दिला दी। सुनील छेत्री ने 89वें मिनट में गोल करके बेंगलुरु की वापसी कराई लेकिन मुंबई की टीम ने हार नहीं मानी और 94वें मिनट में बोर्जस ने कॉर्नर के जरिए गोल करके अपनी टीम को रोमांचक जीत दिला दी।

8. नेरीजस वाल्सकिस बनाम हैदराबाद एफसी (चेन्नईयन एफसी 2-1 हैदराबाद एफसी – 2019-20)

आईएसएल के 2019-20 सीजन में चेन्नईयन एफसी की शुरुआत काफी खराब हुई थी। टीम को पहले चार में से तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था और वो एक भी गोल नहीं कर पाए थे। इसके बाद टीम के ऊपर चारों तरफ से सवाल उठने लगे। खासकर विदेशी प्लेयर्स को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं आईं। इसके बाद हैदराबाद एफसी के खिलाफ मुकाबले में नेरीजस वाल्सकिस ने जबरदस्त प्रदर्शन कर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया।

चेन्नईयन एफसी और हैदराबाद एफसी के बीच ये मुकाबला काफी नीरस तरीके से हो रहा था, लेकिन 92वें मिनट में आंद्रे स्केम्बरी ने गोल करके मैच में एक नई जान फूंक दी। हालांकि, इसके तीन मिनट बाद ही हैदराबाद एफसी के डिफेंडर मैथ्यू किलगालोन ने हेडर के जरिए गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। लेकिन नेरीजस वाल्सकिस के इरादे कुछ और थे और उन्होंने आखिरी क्षणों में गोल करके अपनी टीम को जीत दिला दी।

7. साहिल तावोरा बनाम चेन्नईयन एफसी (एफसी गोवा 5-4 चेन्नईयन एफसी – 2016)

एफसी गोवा के लिए 2016 का आईएसएल सीजन सबसे खराब रहा था। टीम उस सीजन 8वें पायदान पर रही थी। हालांकि चेन्नईयन एफसी के खिलाफ सीजन के फाइनल मुकाबले में टीम ने थ्रिलिंग तरीके से अटैकिंग फुटबॉल खेला। इस मुकाबले में कुल मिलाकर नौ गोल हुए थे (हाल ही में ओडिशा एफसी और एससी ईस्ट बंगाल के 11 गोल से पहले ये किसी भी आईएसएल मैच में सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड था)। यंग मिडफील्डर साहिल तावोरा ने इस मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन किया था।

4-4 की बराबरी के बाद मुकाबला एक्स्ट्रा समय में गया और उस दौरान तावोरा ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने बेहतरीन तरीके से डिफेंडर्स को छकाते हुए गोल कर दिया और अपनी टीम को मैच के आखिरी लम्हों में रोमांचक जीत दिला दी।

6. युआन मासिया बनाम केरला ब्लास्टर्स (नॉर्थईस्ट यूनाईटेड 2-1 केरला ब्लास्टर्स – 20180-19)

नॉर्थईस्ट यूनाईटेड के लिए 2018-19 का सीजन काफी अच्छा रहा था। पहली बार वो टूर्नामेंट के इतिहास में प्लेऑफ में पहुंचे थे। केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ कमबैक विन उनके लिए काफी अहम था। मुंबई सिटी के खिलाफ टीम हारकर आ रही थी और मातेज पोपलाट्निक ने 73वें मिनट में गोल कर केरला ब्लास्टर्स को बढ़त भी दिला दी।

जब ऐसा लगा कि नॉर्थईस्ट यूनाईटेड को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ेगा तभी बार्थोलोमेव ऑग्बिच ने उन्हें इंजरी टाइम में पेनल्टी देकर जीवनदान दे दिया। इसके बाद 95वें मिनट में युआन मासिया ने जबरदस्त तरीके से गोल करके अपनी टीम को रोमांचक जीत दिला दी।

5. राहुल भेके बनाम एफसी गोवा (बेंगलुरु एफसी 1-0 एफसी गोवा- 2018-19 फाइनल)

2018-19 के सीजन में उस साल की दो बेस्ट टीमों के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया था। दोनों ही टीमें काफी सावधानी से खेल रही थीं और इसी वजह से गोल करने के ज्यादा मौके नहीं बन रहे थे। हालांकि इंजरी टाइम में राहुल भेके ने गोल करके अपनी टीम को चैंपियन बना दिया।

एक्स्ट्रा टाइम खत्म होने से पहले 117वें मिनट में गोल करके राहुल भेके ने सबको खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। बेंगलुरु एफसी की ये जीत टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे यादगार जीतों में से एक है।

4. इदरिस सिला बनाम एटीके मोहन बगान (नॉर्थईस्ट 1-1 एटीके मोहन बगान – 2020-21 प्लेऑफ फर्स्ट लेग)

नॉर्थईस्ट यूनाईटेड और एटीके मोहन बगान के बीच फर्स्ट लेग के प्लेऑफ मुकाबले से पहले तक इदरिस सिला का परफॉर्मेंस ज्यादा अच्छा नहीं रहा था। रेगुलर लाइनअप में उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। उनकी जगह डेशोर्न ब्राउन को टीम में शामिल किया गया। हालांकि फर्स्ट लेग में मिली हार के बाद एक बार इदरिस को मौका मिला।

इस मुकाबले में डेविड विलियम्स के गोल के बदौलत एटीके मोहन बगान ने बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि इदरिस सिला ने अपने शानदार परफॉ्र्मेंस से मैच का रुख ही पलट दिया। सेकेंड हाफ में सब्सीट्यूट के तौर पर आने के बाद उन्होंने जबरदस्त तरीके से गोल करके मैच ड्रॉ करा दिया। नॉर्थईस्ट यूनाईटेड के लिए इस ड्रॉ के काफी मायने थे और उन्हें काफी फायदा हुआ।

3. इशान पंडिता बनाम मुंबई सिटी (मुंबई सिटी 3-3 एफसी गोवा – 2020-21)

इशान पंडिता एफसी गोवा के लिए जबरदस्त खिलाड़ी बनकर उभरे हैं और उन्होंने सुपर सब की परिभाषा ही बदल दी है। उनका बेस्ट परफॉर्मेंस मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ मुकाबले में आया जो 3-3 से ड्रॉ रहा था। इशान पंडिता उस वक्त मैदान में उतरे जब उनकी टीम 2-3 से पीछे चल रही थी।

हालांकि, इसके बाद इशान ने कुछ ऐसा कारनामा किया जिससे गोवा के फैंस खुशी से झूम उठे। उन्होंने 95वें मिनट में एडू बेडिया के क्रॉस पर हेडर के जरिए जबरदस्त तरीके से गोल करके स्कोर बराबर कर दिया।

2. मोहम्मद रफीक बनाम केरला ब्लास्टर्स (केरला ब्लास्टर्स 0-1 एटलेटिको डी कोलकाता – 2014 फाइनल)

2014 के फाइनल मुकाबले में हमें प्रमुख तौर पर “सुपर सब” का बेहतरीन परफॉर्मेंस देखने को मिला। केरला ब्लास्टर्स और एटलेटिको डी कोलकाता के बीच हुए इस मुकाबले में कोई भी टीम गोल करने के मूड में नहीं दिख रही थी। केरला की टीम को मजबूती प्रदान करने के लिए मोहम्मद रफीक को 74वें मिनट में मैदान में लाया गया। हालांकि रफीक को मिडफील्ड में मजबूती प्रदान करने के लिए लाया गया था लेकिन उन्होंने अपनी टीम को आईएसएल के पहले सीजन का खिताब दिला दिया।

95वें मिनट में गोल करके रफीक ने एटलेटिको डी कोलकाता को आईएसएल का चैंपियन बना दिया। उन्होंने बेहतरीन तरीके से अपने आपको इंडियन फुटबॉल में पेश किया।

1. स्टीवन मेंडोजा बनाम एफसी गोवा (एफसी गोवा 2-3 चेन्नईयन एफसी – 2015 फाइनल)

ये मुकाबला आईएसएल इतिहास के सबसे बेस्ट मुकाबलों में से एक था और काफी रोमांचक तरीके से इस गेम का रिजल्ट निकला था। 2015 के फाइनल में एफसी गोवा और चेन्नईयन एफसी के बीच जबरदस्त तरीके से मुकाबला हुआ। पहले हाफ में दोनों ही टीमों की तरफ से काफी अटैकिंग फुटबॉल देखने को मिली। दूसरे हाफ में ब्रूनो पेलिसारी के गोल की बदौलत चेन्नईयन एफसी ने लीड हासिल कर ली। हालांकि, इसके बाद गोवा ने जबरदस्त तरीके से वापसी की और दो गोल करके बढ़त बना ली।

स्टॉपेज टाइम में लक्ष्मीकांत कट्टिमानी ने ओन गोल कर दिया और जब लगा कि ये मुकाबला हाथ से जा रहा है तभी स्टीवन मेंडोजा गेम में आए। 91वें मिनट में कई प्लेयर्स को छकाते हुए उन्होंने गोल कर दिया और अपनी टीम को एक ऐतिहासिक जीत दिला दी। मेंडोजा ने उस सीजन सबसे ज्यादा 13 गोल किए।

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